के वि 1  में “परीक्षा पे चर्चा” के अंतर्गत विविध रचनात्मक गतिविधियों का सफल आयोजन

भोपाल। पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय क्रमांक–1, भोपाल में “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के मानसिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, सकारात्मक सोच तथा तनावमुक्त परीक्षा तैयारी के उद्देश्य से विविध रचनात्मक एवं सहभागितापूर्ण गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। इन सभी गतिविधियों का आयोजन विद्यालय के प्राचार्य श्री गौरव कुमार द्विवेदी के कुशल मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में किया गया। यह कार्यक्रम दशदिवसीय होने वाली गतिविधियों का समूचा स्वरूप है ।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वदेशी संकल्प दौड़ / स्टूडेंट रन–वॉक फॉर सेल्फ रिलायंस (#SwadeshiPPC) से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आत्मसात किया। इसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा वंदे मातरम् गायन प्रस्तुत किया गया, जिससे देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना का वातावरण निर्मित हुआ।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए स्वदेशी खेल (Indigenous Games) का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इसी क्रम में “परीक्षा पे चर्चा” के लाभों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति (Skit) का मंचन किया गया, जिसने परीक्षा से जुड़े भय और तनाव को दूर करने का प्रभावी संदेश दिया।

कार्यक्रम में विद्यार्थियों द्वारा लघु वीडियो एवं अनुभव साझा (Short Videos & Testimonials) प्रस्तुत किए गए, जिनमें उन्होंने परीक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण में आए सकारात्मक बदलाव को साझा किया। स्टूडेंट एंकर एवं स्टूडेंट गेस्ट इंटरएक्टिव सेशन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचार अभिव्यक्त करने का मंच मिला।

मानसिक एकाग्रता एवं संतुलन हेतु योग एवं ध्यान (Yoga with Meditation) सत्र आयोजित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता को परखने हेतु प्रश्नोत्तरी (Quiz) का आयोजन किया गया। रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के लिए पोस्टर मेकिंग गतिविधि (#MyPPC) भी आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने रंगों और विचारों के माध्यम से परीक्षा को उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया।

प्राचार्य श्री गौरव कुमार द्विवेदी ने अपने संदेश में कहा कि “परीक्षा पे चर्चा जैसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन विकसित करने में सहायक होते हैं। ऐसी गतिविधियाँ विद्यार्थियों को परीक्षा को बोझ नहीं, बल्कि अवसर के रूप में देखने की प्रेरणा देती हैं।”

कार्यक्रम का समापन उत्साह, प्रेरणा एवं सकारात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। समस्त शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सफल रहा।

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